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Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha लोकसभा और राज्यसभा: दोनों के बीच अंतर

Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha लोकसभा और राज्यसभा: दोनों के बीच अंतर

Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha:- भारतीय संविधान में लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही महत्वपूर्ण निकाय हैं। ये दोनों संसदीय निकाय अलग-अलग कार्यों और क्षेत्रों में सक्रिय होते हैं। इस लेख में हम लोकसभा और राज्यसभा के बीच मुख्य अंतरों पर चर्चा करेंगे।

1. Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha संख्या और प्रतिनिधित्व:

  • लोकसभा: लोकसभा का सदस्यों की संख्या 552 है, जिनमें 530 सांसद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाते हैं और 20 सदस्य विशेषज्ञों के रूप में नियुक्त किए जाते हैं। लोकसभा का यह उच्चतम संख्या और चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न समाज वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • राज्यसभा: राज्यसभा में सदस्यों की संख्या 245 है, जिनमें अधिकांश राज्यों के विधायिका परिषदों के अध्यक्ष राज्य की प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए गए कुछ सदस्य भी होते हैं। राज्यसभा राज्यों के इतिहास, संस्कृति, और विविधताओं का प्रतिनिधित्व करता है।
Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha
Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha

2. Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha चुनावी प्रक्रिया:

  • लोकसभा: लोकसभा के सदस्यों का चयन लोकतंत्र में सीधे चुनावों के माध्यम से होता है। लोकसभा का चयन अधिकांशत: 5 सालों में होता है।
  • राज्यसभा: राज्यसभा के सदस्यों का चयन राज्य के विधायिका परिषदों द्वारा होता है। यहाँ पर विधायिका परिषद के सदस्यों की मतदान के माध्यम से चयन होता है। राज्यसभा का एक तीसरा हिस्सा हर तीन वर्षों में नए सदस्यों का चयन के माध्यम से होता है।

3. Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha फंक्शनल अंतर:

  • लोकसभा: लोकसभा का मुख्य काम विधायिका योजनाओं को पारित करना है। यहाँ पर विधायिका परिषद द्वारा पारित किए गए विधायिकाओं को लोकसभा में पेश किया जाता है और इनकी गणना तथा संशोधन की प्रक्रिया होती है।
  • राज्यसभा: राज्यसभा का मुख्य काम विभिन्न विषयों पर चर्चा करना और अपने विचार प्रकट करना है। यहाँ पर राज्यसभा राज्यों की हितैषी नीतियों और उनकी सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का समाधान करती है।

इस प्रकार, लोकसभा और राज्यसभा में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं जो भारतीय संविधान में संगठनित हैं। ये निकाय विभिन्न क्षेत्रों में समाज की रुचियों और हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

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